हिंदी साहित्य की प्रमुख वेबसाइट 'Hindwi.org' पर हरिशंकर परसाई की यह पुस्तक ई-बुक (e-book) के रूप में उपलब्ध है. आप वहां इसे आसानी से पढ़ सकते हैं।

पूरी किताब आपकी जेब में रहती है।

“Discuss the figure of the nithalla as a social critic in Harishankar Parsai’s Nithalle Ki Diary.”